उन्नाव जनपद में स्थित अशासकीय सहायता प्राप्त श्री हुबलाल इन्टर कॉलेज टेढ़ा उन्नाव की स्थापना का श्रेय हुबलाल जी के अनुजों स्व० प्रयागदत्त जी तथा स्व० गयादीन जी को है। संस्था की स्थापना १९४८ में की गई थी। विद्यालय को हाईस्कूल की मान्यता १९४९ तथा इंटरमीडियट की मान्यता १९५१ में कला व वाणिज्य वर्ग में प्राप्त हुई। संस्था के प्रथम प्रबंधक स्व० वीरेंद्र सिंह की छत्र छाया में विद्यालय का सर्वांगीण विकास हुआ। स्व० वीरेंद्र सिंह के सुपुत्र श्री मनोज कुमार वर्तमान में प्रबंधक के पद पर आसीन हैं। वर्तमान में लगभग ७०० छात्र-छात्राएं विद्यालय में अध्यनरत हैं।
विद्यालय में कुल २७ शिक्षकों के सापेक्ष मात्र १७ शिक्षक ही वर्तमान में कार्यरत हैं। उपलब्ध शिक्षकों से ही पठन पाठन के साथ साथ शासन की मंशा के अनुरूप विभिन्न शासकीय कार्य कराये जा रहे हैं। संसाधनों की कमी के बावजूद छात्र छात्राओं को शिक्षकों द्वारा बेहतर शिक्षा देने का प्रयास किया जा रहा है। छात्र छात्राओं को शिक्षकों द्वारा खेलकूद व अन्य पाठ्य सहगामी क्रियाओं को भी समय समय पर कराया जाता है।
श्री हुबलाल इन्टर कॉलेज टेढ़ा उन्नाव से अध्ययन करके निकले छात्र छात्राएं विभिन्न प्रशासनिक पदों पर कार्यरत रहते हुए देश व समाज की सेवा कर रहे हैं। जिससे विद्यालय तथा समाज अपने आपको गौरवान्वित महसूस करता है। इस संस्था में जो ज्ञान का दीप स्व० गयादीन नम्बरदार व उनके परिजनों द्वारा प्रज्जवलित किया गया है, निरंतर बृद्धि की ओर अग्रसर है।